रामराज्य के लिए मानव धर्म अपनाना जरूरी : संत पंकज जी महाराज

रामराज्य के लिए मानव धर्म अपनाना जरूरी : संत पंकज जी महाराज

भभुआ (कैमूर), 06 मई। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज जी महाराज ने कहा कि यदि देश में रामराज्य स्थापित करना है तो मानव धर्म को अपनाना होगा। सत्य, प्रेम, दया, करुणा और अहिंसा जैसे मानवीय गुणों से ही अच्छे समाज का निर्माण संभव है।

वे मंगलवार प्रातः भभुआ प्रखण्ड के जगदीशपुर महुवारी में आयोजित सत्संग कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। संत पंकज जी महाराज अपनी 67 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध एवं आध्यात्मिक-वैचारिक जनजागरण यात्रा के 60वें पड़ाव पर यहां पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि यह कर्म प्रधान देश है और मनुष्य को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। मानव जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में बिताने के लिए नहीं मिला है, बल्कि ईश्वर भजन और आत्मिक उन्नति के लिए भी समय निकालना चाहिए। उन्होंने सुरत शब्द योग मार्ग को कलयुग की सरल साधना बताते हुए कहा कि सिद्ध गुरु के मार्गदर्शन में व्यक्ति भीतर की दिव्य ध्वनि और ईश्वरीय प्रकाश का अनुभव कर सकता है।

संत पंकज जी महाराज ने जीव हिंसा और मांसाहार का विरोध करते हुए कहा कि यदि मनुष्य किसी जीव को बना नहीं सकता तो उसे नष्ट करने का अधिकार भी नहीं है। उन्होंने बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के संदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि मांसाहार और नशीले पदार्थों के कारण भविष्य में गंभीर बीमारियां बढ़ेंगी, इसलिए समय रहते शाकाहार और सदाचार अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने श्रद्धालुओं को आगामी 17 से 21 मई तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में आयोजित बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के 14वें वार्षिक भंडारा सत्संग मेले में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष जसवन्त सिंह, आयोजक छोटन सिंह, सुदामा सिंह, दिनेश चौहान सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव जयगुरुदेव मंदिर खरगाँवा, थाना एवं प्रखण्ड चांद, जिला कैमूर के लिए रवाना हो गई, जहां अगले दिन प्रातः सत्संग आयोजित किया गया।